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किडनी फंक्शन टेस्ट (Kidney Function Test - KFT / RFT)

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यह जानकारी सिर्फ़ समझने के लिए है। यह जानकारी केवल शिक्षा के लिए है और डॉक्टर की सलाह, जाँच या इलाज की जगह नहीं ले सकती। अपनी सेहत के बारे में हमेशा योग्य डॉक्टर से बात करें।
किडनी फंक्शन टेस्ट (Kidney Function Test - KFT / RFT)

किडनी फंक्शन टेस्ट से यह पता चलता है कि आपकी किडनी (गुर्दे) खून से कचरे को कितनी अच्छी तरह छान रही हैं, इसके लिए मुख्य रूप से क्रिएटिनिन (Creatinine) और ईजीएफआर (eGFR) की जांच की जाती है।

किस लिए इस्तेमाल होती है

  • यह जांचना कि किडनी (गुर्दे) कितनी अच्छी तरह काम कर रही हैं
  • शुगर (Diabetes) और हाई बीपी (High Blood Pressure) में नियमित जांच के लिए, जो किडनी खराब होने के दो सबसे आम कारण हैं
  • कुछ दवाएं शुरू करने या जारी रखने से पहले किडनी की क्षमता की जांच करना
  • शरीर में सूजन, पेशाब कम आने या बिना वजह थकान महसूस होने के कारणों का पता लगाना

सावधानियाँ

  • आमतौर पर खाली पेट रहने (Fasting) की जरूरत नहीं होती है, लेकिन अपनी लैब की सलाह का पालन करें
  • टेस्ट से एक दिन पहले भारी कसरत न करें और बहुत ज्यादा मांस (Meat) न खाएं, क्योंकि इन दोनों से क्रिएटिनिन बढ़ सकता है
  • आप जो भी दवाएं या सप्लीमेंट ले रहे हैं, उनके बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं

जाँच और पहचान

  • क्रिएटिनिन (Creatinine) शरीर का एक कचरा (अपशिष्ट पदार्थ) है; इसका बढ़ा हुआ स्तर दर्शाया है कि किडनी ठीक से सफाई नहीं कर पा रही हैं
  • ईजीएफआर (eGFR) से यह अंदाजा मिलता है कि किडनी कितनी तेजी से सफाई कर रही हैं — यह नंबर जितना ज्यादा होगा, किडनी का काम उतना ही बेहतर माना जाता है
  • रिपोर्ट में थोड़ा सा बदलाव होने का मतलब यह नहीं है कि किडनी की बीमारी है; आमतौर पर इस टेस्ट को दोबारा कराया जाता है और पेशाब की जांच के साथ मिलाकर देखा जाता है
  • पुरुषों और महिलाओं में क्रिएटिनिन की सामान्य मात्रा अलग-अलग होती है, और यह शरीर में मांसपेशियों के हिसाब से भी बदल सकती है

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्रिएटिनिन (Creatinine) ज्यादा होने का क्या मतलब है?

इसका मतलब आमतौर पर यह होता है कि किडनी ठीक से सफाई नहीं कर पा रही हैं, लेकिन शरीर में पानी की कमी (Dehydration), भारी कसरत, ज्यादा प्रोटीन वाला खाना खाने या कुछ दवाओं के कारण भी यह बढ़ सकता है। डॉक्टर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस टेस्ट को दोबारा करवाते हैं और ईजीएफआर (eGFR) व पेशाब की रिपोर्ट भी देखते हैं।

क्या किडनी फंक्शन टेस्ट के लिए खाली पेट रहना जरूरी है?

आमतौर पर खाली पेट (Fasting) रहने की जरूरत नहीं होती है, लेकिन अपनी लैब की सलाह मानें। टेस्ट से एक दिन पहले भारी कसरत और बहुत ज्यादा मांस खाने से बचें, क्योंकि इनसे कुछ समय के लिए क्रिएटिनिन बढ़ सकता है।

किडनी की रिपोर्ट में eGFR क्या होता है?

ईजीएफआर (eGFR) एक अंदाजा है कि आपकी किडनी कितनी तेजी से खून को छान रही हैं। इसका हिसाब आपके क्रिएटिनिन स्तर, आपकी उम्र और लिंग (महिला/पुरुष) को मिलाकर लगाया जाता है। इसे सिर्फ क्रिएटिनिन की तुलना में समझना ज्यादा आसान होता है, इसलिए डॉक्टर दोनों को एक साथ देखते हैं।

लैब फॉर्म पर KFT, RFT और E/U/Cr का क्या मतलब होता है?

ये सभी एक ही तरह के टेस्ट के अलग-अलग नाम हैं। KFT का मतलब है 'किडनी फंक्शन टेस्ट' (Kidney Function Test), RFT का मतलब है 'रिनल फंक्शन टेस्ट' (Renal Function Test), और E/U/Cr का मतलब है इलेक्ट्रोलाइट्स (Electrolytes), यूरिया (Urea) और क्रिएटिनिन (Creatinine) — ये तीनों सबसे ज्यादा जांचे जाने वाले तत्व हैं। आपकी लैब इनमें से चाहे जो भी नाम लिखे, जांच एक ही चीज़ की होती है।

यह जानकारी सिर्फ़ समझने के लिए है। यह जानकारी केवल शिक्षा के लिए है और डॉक्टर की सलाह, जाँच या इलाज की जगह नहीं ले सकती। अपनी सेहत के बारे में हमेशा योग्य डॉक्टर से बात करें।
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