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इस अनुवाद को अभी किसी डॉक्टर ने नहीं जाँचा है। अर्थ सही होना चाहिए, लेकिन अगर कुछ अस्पष्ट या ग़लत लगे तो अंग्रेज़ी मूल पढ़ें।
अंग्रेज़ी में मूल पढ़ेंडेंगू एक वायरल संक्रमण (viral infection) है जो संक्रमित एडीज मच्छर (Aedes mosquito) के काटने से फैलता है। इसकी वजह से अचानक तेज़ बुखार, शरीर में बहुत तेज़ दर्द और कुछ लोगों में प्लेटलेट काउंट (platelet count) गिर जाता है।
ये लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएँ
- पेट में तेज़ दर्द या छूने पर दर्द महसूस होना
- बार-बार उल्टी होना (24 घंटे में तीन या उससे ज़्यादा बार)
- मसूड़ों या नाक से खून बहना, या उल्टी या मल (पॉटी) में खून आना
- तेज़-तेज़ या कठिनाई से सांस लेना
- बेचैनी होना, या बहुत ज़्यादा सुस्ती और कमजोरी महसूस होना
- त्वचा का ठंडा, चिपचिपा या पीला पड़ जाना
- बहुत कम पेशाब आना
In English:
- Severe stomach pain or tenderness
- Vomiting again and again (three or more times in 24 hours)
- Bleeding from the gums or nose, or blood in vomit or stool
- Fast or difficult breathing
- Restlessness, or unusual drowsiness and weakness
- Cold, clammy or pale skin
- Passing very little urine
चेतावनी के लक्षण अंग्रेज़ी में भी दिए गए हैं, ताकि ज़रूरी बात सिर्फ़ अनुवाद पर निर्भर न रहे।
संक्षेप में
डेंगू, डेंगू वायरस की वजह से होता है, जो संक्रमित एडीज मच्छर (Aedes mosquito) के काटने से लोगों में फैलता है। यह सीधे एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता।
एडीज मच्छर ज़्यादातर दिन के समय काटता है — सुबह-सुबह और शाम को सूरज ढलने से कुछ घंटे पहले। यह घरों के अंदर और आसपास जमा साफ, ठहरे हुए पानी में पनपता है, यही वजह है कि मानसून के दौरान और उसके बाद इसके मामले बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं।
ज़्यादातर लोग आराम करने और तरल पदार्थ (fluids) पीने से एक से दो हफ्तों में ठीक हो जाते हैं। कुछ लोगों को गंभीर डेंगू हो जाता है, जो एक मेडिकल इमरजेंसी है। खतरे का समय आमतौर पर तब होता है जब बुखार उतरना शुरू होता है, यानी बीमारी के तीसरे से सातवें दिन के आसपास।
लक्षण
- अचानक तेज़ बुखार होना, जो अक्सर 40°C (104°F) तक पहुंच जाता है
- तेज़ सिरदर्द, खासकर आंखों के पीछे दर्द होना
- मांसपेशियों और जोड़ों में बहुत तेज़ दर्द — इसी वजह से इसे हड्डी तोड़ बुखार (breakbone fever) कहा जाता है
- जी मिचलाना या उल्टी होना
- त्वचा पर चकत्ते (skin rash) होना, जो आमतौर पर बुखार शुरू होने के दो से पांच दिन बाद दिखाई देते हैं
- हल्का खून बहना जैसे कि नाक या मसूड़ों से
- बहुत ज़्यादा थकान जो ठीक होने के बाद भी हफ्तों तक बनी रह सकती है
कारण क्या है
- डेंगू वायरस के चार प्रकारों (DENV-1 से DENV-4) में से किसी एक का संक्रमण
- संक्रमित एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) या एडीज एल्बोपिक्टस (Aedes albopictus) मच्छर के काटने से फैलना
- मच्छर घर के पास जमा करके रखे गए या इकट्ठे हुए साफ पानी में पनपते हैं — जैसे कि कूलर, गमले, टायर, टंकियां, पौधों की ट्रे और निर्माण स्थल (construction sites)
किन्हें ज़्यादा ख़तरा है
- ऐसे इलाकों में रहना या यात्रा करना जहां डेंगू आम है
- मानसून और मानसून के बाद के महीने, जब मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है
- घर के अंदर या आसपास पानी का ठहरा होना
- पहले कभी डेंगू हो चुका होना — दूसरे प्रकार के वायरस से दोबारा संक्रमण होने पर गंभीर डेंगू का खतरा ज़्यादा होता है
जाँच और पहचान
- एनएस1 एंटीजन टेस्ट (NS1 antigen test) — बुखार के शुरुआती पांच दिनों में सबसे ज़्यादा उपयोगी
- आईजीएम और आईजीजी एंटीबॉडी टेस्ट (IgM and IgG antibody tests) — लगभग पांचवें दिन के बाद से उपयोगी
- कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC) — प्लेटलेट काउंट और हेमेटोक्रिट (haematocrit) पर नज़र रखने के लिए
- बीमारी के खतरे वाले दौर में डॉक्टर आमतौर पर हर दिन ब्लड टेस्ट दोबारा करवाते हैं
इलाज
- डेंगू के लिए कोई खास एंटीवायरल दवा (antiviral medicine) नहीं है। इलाज के दौरान शरीर की देखभाल की जाती है ताकि वह संक्रमण से लड़ सके।
- आराम करें और भरपूर मात्रा में तरल पदार्थ (fluids) पीएं — जैसे पानी, ओआरएस (ORS), नारियल पानी, सूट और जूस।
- बुखार कम करने और दर्द से राहत पाने के लिए आमतौर पर पैरासिटामोल (Paracetamol) का इस्तेमाल किया जाता है।
- डेंगू में एस्पिरिन (Aspirin), इबूप्रोफेन (Ibuprofen) और इनके जैसी दर्द निवारक दवाओं (painkillers) से बचना चाहिए क्योंकि इनसे खून बहने का खतरा बढ़ सकता है। कोई भी पेनकिलर लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।
- खतरे के संकेत वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाता है ताकि उन पर ध्यान रखा जा सके और ड्रिप (drip) के ज़रिए तरल पदार्थ दिए जा सकें।
बचाव
- हफ्ते में एक बार पानी के सभी बर्तनों/टंकियों को खाली करें, रगड़कर साफ करें, ढककर रखें या सुखाएं — इससे मच्छरों के पनपने का चक्र टूटता है
- दिन के समय शरीर के खुले हिस्सों पर मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे (mosquito repellent) का इस्तेमाल करें
- पूरी बांह के कपड़े पहनें, और खिड़कियों पर जाली या मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
- कूलर, छत की टंकियों, गमलों की ट्रे और छत पर रखे सामान में पानी इकट्ठा न होने दें
- अपने इलाके में फॉगिंग (fogging) और मच्छर कम करने वाले अभियानों में सहयोग दें
डॉक्टर को कब दिखाएँ?
डेंगू के मौसम में किसी भी तरह का तेज़ बुखार होने पर डॉक्टर को दिखाएं, खासकर अगर इसके साथ तेज़ सिरदर्द या शरीर में दर्द हो। अगर कोई भी खतरे का संकेत दिखे — विशेष रूप से पेट में तेज़ दर्द, बार-बार उल्टी होना, खून बहना, या बुखार उतरने पर मरीज को बहुत सुस्ती या कमजोरी महसूस होना — तो तुरंत अस्पताल जाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डेंगू के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
शुरुआती लक्षणों में आमतौर पर अचानक तेज़ बुखार के साथ तेज़ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और मांसपेशियों व जोड़ों में बहुत तेज़ दर्द होता है। ये लक्षण मच्छर के काटने के चार से दस दिन बाद शुरू होते हैं।
डेंगू का बुखार कितने दिनों तक रहता है?
बुखार आमतौर पर लगभग दो से सात दिनों तक रहता है। ज़्यादातर लोग एक से दो हफ्तों के भीतर ठीक हो जाते हैं, हालांकि इसके बाद भी कुछ हफ्तों तक थकान बनी रह सकती है।
डेंगू का कौन सा दिन सबसे खतरनाक होता है?
सबसे ज़्यादा खतरे का समय आमतौर पर तीसरा से सातवां दिन होता है, जब बुखार उतरना शुरू होता है। खतरे के संकेत अक्सर इसी दौरान दिखाई देते हैं, इसलिए सिर्फ बुखार उतर जाने से निगरानी बंद नहीं करनी चाहिए।
क्या डेंगू एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है?
नहीं। डेंगू छूने, खाना शेयर करने या किसी बीमार व्यक्ति के पास रहने से नहीं फैलता। यह केवल संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है।
क्या डेंगू में प्लेटलेट कम होना हमेशा खतरनाक होता है?
सिर्फ प्लेटलेट कम होना ही खतरनाक नहीं होता। डॉक्टर मरीज के लक्षणों, हेमेटोक्रिट (haematocrit) और समग्र स्थिति के साथ प्लेटलेट काउंट को देखते हैं। कम प्लेटलेट वाले कई लोग बिना प्लेटलेट चढ़ाए (transfusion) भी ठीक हो जाते हैं, इसकी ज़रूरत केवल खास स्थितियों में ही पड़ती है।